GPay, PhonePe, Paytm ने पेमेंट आसान बनाया — और स्कैमर्स ने ठगी। सबसे बड़ा झूठ: «पैसे receive करने के लिए UPI PIN डालें»। सच याद रखें: पैसे पाने के लिए PIN की कभी ज़रूरत नहीं होती। PIN डालते ही पैसे आपके खाते से कटते हैं, आते नहीं।
• «Collect request»: पैसे «पाने» के लिए रिक्वेस्ट स्वीकार कर PIN डालने को कहना — असल में पैसे कटते हैं • OLX/मार्केटप्लेस पर «खरीदार» जो एडवांस के बहाने QR कोड भेजता है • नकली पेमेंट स्क्रीनशॉट: «भेज दिया, चेक करो» — बैलेंस सिर्फ ऐप में देखें • «गलती से आपके खाते में पैसे आ गए, वापस करो» — पहले ऐप में जांचें
UPI PIN = पैसे भेजना। हमेशा। कोई भी «receive करने के लिए PIN» कहे — वह स्कैमर है। QR कोड स्कैन करना भी भेजने के लिए होता है, पाने के लिए नहीं।
• अनजान collect request हमेशा decline करें • बैलेंस और पेमेंट सिर्फ आधिकारिक ऐप में जांचें • संदिग्ध मैसेज Phishy में पेस्ट करें — मुफ्त जांच हिंदी में • फ्रॉड हो जाए तो 1930 पर तुरंत कॉल करें
UPI फ्रॉड नौजवानों और बुज़ुर्गों दोनों को शिकार बनाता है। Phishy पूरे परिवार के लिए मुफ्त है — और फैमिली मोड से आपको पता चलता है जब माता-पिता तक कोई स्कैम पहुंचता है, उनकी प्राइवेसी बनाए रखते हुए।
नहीं, कभी नहीं। PIN सिर्फ पैसे भेजने के लिए है। «Receive के लिए PIN» कहने वाला हर व्यक्ति स्कैमर है।
सामान तभी दें जब पैसे आपकी अपनी UPI ऐप में दिखें। स्क्रीनशॉट और SMS सबूत नहीं हैं।
तुरंत 1930 पर कॉल करें और बैंक को रिपोर्ट करें — जितनी जल्दी रिपोर्ट, उतनी ज़्यादा संभावना। cybercrime.gov.in पर शिकायत भी दर्ज करें।