UPI ने भुगतान आसान बनाया — और ठगों के लिए भी। सबसे आम UPI फ्रॉड एक ही गलतफ़हमी पर टिके हैं: लोग सोचते हैं कि «पैसे पाने» के लिए भी PIN या OK दबाना पड़ता है। यही झूठ ठग इस्तेमाल करते हैं। सुनहरा नियम याद रखें: UPI PIN सिर्फ पैसे भेजने के लिए होता है। पैसे पाने के लिए आपको कभी PIN डालने, QR स्कैन करने या «request» स्वीकार करने की ज़रूरत नहीं।
OLX या मार्केटप्लेस पर «खरीदार» कहता है «मैं UPI से एडवांस भेज रहा हूँ, बस request स्वीकार करके PIN डाल दो»। जैसे ही आप PIN डालते हैं, पैसे आपके खाते से कट जाते हैं — क्योंकि वह असल में «collect request» (पैसे माँगने की request) थी, न कि भेजने की। किसी request को स्वीकार करके PIN डालना = पैसे देना।
आपको मैसेज आता है कि «मैंने गलती से आपको ₹5,000 भेज दिए, कृपया लौटा दें» — साथ में एक फ़र्ज़ी SMS जो पैसे आने जैसा दिखता है। असल में कोई पैसा नहीं आया। आप «लौटाने» में अपने असली पैसे भेज देते हैं। हमेशा बैंक ऐप में खुद बैलेंस जाँचें — SMS पर भरोसा न करें।
«कैशबैक पाने के लिए यह QR स्कैन करें» — पर QR स्कैन करना और PIN डालना हमेशा पैसे भेजने की क्रिया है, पाने की नहीं। कोई भी जो आपसे पैसे «पाने» के लिए QR स्कैन कराए, वह ठग है।
• पैसे «पाने» के लिए PIN, QR स्कैन या request स्वीकार करने को कहा जाए — हमेशा फ्रॉड • «गलती से भेज दिए» वाला बहाना और जल्दबाज़ी • अनजान «collect request» — स्वीकार करने से पहले हमेशा रुकें • कस्टमर केयर का «नंबर» गूगल से मिला — ठग नकली नंबर ऊपर चढ़ा देते हैं • रिमोट ऐप (AnyDesk) इंस्टॉल कराने की कोशिश
कोई भी संदिग्ध पेमेंट लिंक या मैसेज इस पेज पर मुफ़्त Phishy चेकर में पेस्ट करें। टूल सेकंडों में बताता है कि वह असली है या फ्रॉड — बिना लिंक खोले, बिना रजिस्ट्रेशन।
1. तुरंत 1930 पर कॉल करें — गोल्डन ऑवर में रिपोर्ट से पैसे रुकने की संभावना ज़्यादा। 2. cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। 3. अपने UPI ऐप में उस अकाउंट/नंबर को रिपोर्ट-ब्लॉक करें और बैंक को सूचित करें। 4. UPI PIN बदलें। 5. AnyDesk जैसा ऐप इंस्टॉल किया हो तो हटाएँ और डिवाइस स्कैन करें।
नहीं, कभी नहीं। UPI PIN सिर्फ पैसे भेजने के लिए है। पैसे पाने के लिए PIN, QR स्कैन या request स्वीकार करने की ज़रूरत नहीं — ऐसा कहने वाला ठग है।
पहले अपने बैंक ऐप में खुद बैलेंस जाँचें। फ़र्ज़ी SMS असली पैसे आने जैसा दिखता है। बिना पुष्टि के कुछ न लौटाएँ।
सावधान रहें। ठग गूगल पर नकली कस्टमर-केयर नंबर चढ़ा देते हैं। हमेशा कंपनी की आधिकारिक साइट/ऐप से ही नंबर लें।
तुरंत 1930 पर कॉल करें और बैंक को सूचित करें। जितनी जल्दी रिपोर्ट, वापसी की संभावना उतनी ज़्यादा।
इस पेज पर Phishy चेकर में पेस्ट करें — सेकंडों में साफ़ जवाब।